यूँ हसरतों के दाग़ - Yun Hasraton Ke Daag (Lata Mangeshkar, Adalat)

Movie/Album: अदालत (1958)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजेंद्र कृषण
Performed By: लता मंगेशकर

यूँ हसरतों के दाग़ मुहब्बत में धो लिये
खुद दिल से दिल की बात कही और रो लिये

घर से चले थे हम तो खुशी की तलाश में
ग़म राह में खड़े थे वही साथ हो लिये
खुद दिल से...

मुरझा चुका है फिर भी ये दिल फूल ही तो है
अब आप की ख़ुशी से काँटों में सो लिये
खुद दिल से...

होंठों को सी चुके तो ज़माने ने ये कहा
ये चुप सी क्यों लगी है अजी कुछ तो बोलिये
खुद दिल से...

3 comments :

  1. I agree "Hindi gaano ka maza hindi main hi hai"

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  2. इस गाने को सुनता रहा और आंसू बहाता रहा ।

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  3. Old is gold, admire lyricist for the beautiful compositon

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