ए फँसा - Ae Phansa (Lata Mangeshkar, Bobby)

Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर

ए फंसा, उसका छूटा घरबार संसार
जो करके प्यार यार किसी के दिल में बसा, बसा, बसा ए फंसा

ये एक साल बचपन और जवानी के बीच का बड़ा बुरा होता है
ये एक साल नौजवानों का, नादानों का, दीवानों का
ये एक साल बचपन और जवानी के बीच का बड़ा बुरा होता है
आशिक़ का हो गया नाम बदनाम
हुआ अंजाम सुबह-ओ-शाम ज़माना हँसा, हँसा, हँसा
ए फंसा...

बचा के आँख पंछी पिंजरा लेके उड़ जाए तो शायद जान बच जाए
बचा के आँख किसी झरोखे से, किसी मौके से, कभी धोखे से
बचा के आँख पंछी पिंजरा लेके उड़ जाए तो शायद जान बच जाए
जीना हुआ दुश्वार दिलदार के लगा आर पार
तीर किसी ने कसा, कसा, कसा
ए फंसा...

ये प्रेमरोग बड़े बड़े जोगी सपेरों से बस में नहीं होता है
ये प्रेमरोग प्यार करते है, लोग मरते है, कहाँ डरते है
ये प्रेमरोग बड़े बड़े सपेरों से बस में नहीं होता है
उसने लिया बैराग जबसे भाग के लगी आग
नागिनों ने जिसे डसा, डसा, डसा
ए फंसा, उसका...

No comments :

Post a Comment

Like this Blog? Let us know!