रुखी सुखी रोटी - Rukhi Sukhi Roti (Shankar Mahadevan, Alka Yagnik, Nayak)

Movie/Album: नायक (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: शंकर महादेवन,अलका याग्निक

ए मंजरी
रुखी सुखी रोटी तेरे हाथों से, खा के आया मज़ा बड़ा
ठंडा ठंडा पानी तेरे आँगन का, पी के छाया नशा नशा
बोले जो मुझसे तु वो मैं कर जाऊँ
तेरे सीने से लग के मैं मर जाऊँ
तौबा ओ तौबा तु क्या बोला
धड़क धड़क मेरा दिल डोला

चलो जी कोई तितली पकड़ते हैं
चलो जी किसी पेड़ पे चढ़ते हैं
क्या होगा जो मैं पेड़ से गिर गई गई गई गई
ओ मुझे दर्द बड़ा होगा तुझको चोट अगर लग गई
लई लई...
ये तो पुरानी लई लई लई, प्रेम कहानी लई लई लई
बात कोई कर आज नई नई नई..
प्यार में दिन आये कैसे रोग लगे हमको ऐसे
नाच उठे दो दिल जैसे ता-थई, ता-थई, ता-थई
तौबा ओ तौबा...

ओ प्यारी मंजरी, प्यार मंजरी...

चलो जी नदिया में नहाएँगे
नहीं जी पहले आम चुराएँगे
पकड़े गए तो बड़ी मार पड़ेगी, नहीं नहीं नहीं
अरे प्यार-व्यार जो करते हैं, वो मार से डरते नहीं
लई लई...
बात बदल गई लई लई लई
बच के निकल गई लई लई लई
चाल ये कैसी तु चल गई गई गई
तीर चला दिल पर लागा, दर्द बड़ा मीठा जागा
धक धक जोर से दिल भागा, दिल्ली से मुंबई
रुखी सुखी रोटी मेरे हाथों से खा के आया मज़ा तुझे
हे रुखी सुखी रोटी...

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