Movie/Album: ये रास्ते हैं प्यार के (1963)
Music By: रवि
Lyrics By: राजिंदर कृष्ण
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोसले
ये खामोशियाँ, ये तन्हाइयाँ
मोहब्बत की दुनिया है कितनी जवाँ
ये खामोशियाँ, ये तन्हाईयाँ...
ये सर्दी का मौसम बदन काँपे थर-थर
ये है बर्फ का ढेर या संगमरमर
बना लें ना क्यों अपनी जन्नत यहाँ
ये खामोशियाँ, ये तन्हाइयाँ...
ये ऊँचे पहाड़ों के मगरूर साये
ये कहते हैं उनको नज़र तो मिलाए
फ़रिश्ते भी हैं इस जगह, बेज़ुबां
ये खामोशियाँ, ये तन्हाइयाँ...
न पर्दा है कोई, न है कोई चिलमन
जहाँ पाँव रख दें, है फिसलन ही फिसलन
कदम छोड़ते जा रहे हैं निशाँ
ये खामोशियाँ, ये तन्हाईयाँ...
Music By: रवि
Lyrics By: राजिंदर कृष्ण
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोसले
ये खामोशियाँ, ये तन्हाइयाँ
मोहब्बत की दुनिया है कितनी जवाँ
ये खामोशियाँ, ये तन्हाईयाँ...
ये सर्दी का मौसम बदन काँपे थर-थर
ये है बर्फ का ढेर या संगमरमर
बना लें ना क्यों अपनी जन्नत यहाँ
ये खामोशियाँ, ये तन्हाइयाँ...
ये ऊँचे पहाड़ों के मगरूर साये
ये कहते हैं उनको नज़र तो मिलाए
फ़रिश्ते भी हैं इस जगह, बेज़ुबां
ये खामोशियाँ, ये तन्हाइयाँ...
न पर्दा है कोई, न है कोई चिलमन
जहाँ पाँव रख दें, है फिसलन ही फिसलन
कदम छोड़ते जा रहे हैं निशाँ
ये खामोशियाँ, ये तन्हाईयाँ...
What a lovely song that is,can we live there ,my be like eskimos in igloo houses.
ReplyDeleteखूबसूरत गाना और रफी जी की आवाज जादू जगा रही है
ReplyDeletebahot behtarin ab ye aise gane milte nahi
ReplyDeletebahot behtarin geet sangeet
ReplyDeletebahot khubsurat
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