Movie/Album: हमको इश्क़ ने मारा (1997)
Music By: आदेश श्रीवास्तव
Lyrics By: समीर
Performed By: मनोहर शेट्टी, पृथा मजुमदार, अजेय त्रिवेदी, चन्द्र भूषण, मेधा परांजपे, चिंतामणि सोहणी, अमृता सामंत
हमको इश्क़ ने मारा
क्या उम्र है, क्या है नशा, हो जाएगी कोई खता
हम तो खुद को रोक न पाए
बेख़ुदी में झूमते जाएँ
हम आशिक़ी क्यूँ ना करें
क्यूँ हम डरें हे हे
दिन है जवानी के मस्ती में झूम लो वाह रे वाह
आओ लबों को लबों से चूम लो दिलरुबा
हमको इश्क़ ने मारा...
आँखों में हैं सपने जवाँ
तुम हो कहाँ ओ जानेजाँ
आओ कर लें मिलके दो बातें
जाने कब हो ऐसी मुलाकातें
कुछ तो सुनो, कुछ तो कहो
चुप न रहो हो हो
कोई खयालों में अब न होश है जानेमन
इसमें हमारा न कोई दोष है जानेमन
हमको इश्क़ ने मारा...
दीवाने तुम, दीवाने हम
नज़रें मिली बहके कदम
दीवानी धड़कन दिल है आवारा
यार हमको इश्क़ ने मारा
नज़दीकियाँ कुछ दूरियाँ
मजबूरियाँ हो हो
सुबह है हसीन जवाँ हर शाम है अब यहाँ
होठों पे दिलबर यार का नाम है जानेजाँ
हमको इश्क़ ने मारा...
हमने कभी सोचा ना था
ऐसा यहाँ हो जायेगा
मिले थे हम-तुम अजनबी बन के
बज उठे क्यूँ साज़ धड़कन के
हम तो तेरे होने लगे
खोने लगे हे हे
सीने पे सर को रख के सो गए दिलरुबा
इक दूजे के दीवाने हो गए दिलरुबा
हमको इश्क़ ने मारा...
Music By: आदेश श्रीवास्तव
Lyrics By: समीर
Performed By: मनोहर शेट्टी, पृथा मजुमदार, अजेय त्रिवेदी, चन्द्र भूषण, मेधा परांजपे, चिंतामणि सोहणी, अमृता सामंत
हमको इश्क़ ने मारा
क्या उम्र है, क्या है नशा, हो जाएगी कोई खता
हम तो खुद को रोक न पाए
बेख़ुदी में झूमते जाएँ
हम आशिक़ी क्यूँ ना करें
क्यूँ हम डरें हे हे
दिन है जवानी के मस्ती में झूम लो वाह रे वाह
आओ लबों को लबों से चूम लो दिलरुबा
हमको इश्क़ ने मारा...
आँखों में हैं सपने जवाँ
तुम हो कहाँ ओ जानेजाँ
आओ कर लें मिलके दो बातें
जाने कब हो ऐसी मुलाकातें
कुछ तो सुनो, कुछ तो कहो
चुप न रहो हो हो
कोई खयालों में अब न होश है जानेमन
इसमें हमारा न कोई दोष है जानेमन
हमको इश्क़ ने मारा...
दीवाने तुम, दीवाने हम
नज़रें मिली बहके कदम
दीवानी धड़कन दिल है आवारा
यार हमको इश्क़ ने मारा
नज़दीकियाँ कुछ दूरियाँ
मजबूरियाँ हो हो
सुबह है हसीन जवाँ हर शाम है अब यहाँ
होठों पे दिलबर यार का नाम है जानेजाँ
हमको इश्क़ ने मारा...
हमने कभी सोचा ना था
ऐसा यहाँ हो जायेगा
मिले थे हम-तुम अजनबी बन के
बज उठे क्यूँ साज़ धड़कन के
हम तो तेरे होने लगे
खोने लगे हे हे
सीने पे सर को रख के सो गए दिलरुबा
इक दूजे के दीवाने हो गए दिलरुबा
हमको इश्क़ ने मारा...
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