मेरे दिलदार का बाँकपन - Mere Dildaar Ka Baankpan (Kishore, Rafi, Deedar-E-Yaar)

Movie/Album: दीदार-ए-यार (1982)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: साहिर लुधयानवी
Performed By: किशोर कुमार, मोहम्मद रफ़ी

मेरे दिलदार का बाँकपन
अल्लाह अल्लाह
चाँदनी से तराशा बदन
अल्लाह अल्लाह

देखकर जिसको हूरें भी सजदा करें
वो मेरी नाज़नीं, वो मेरी नाज़नीं, गुलबदन
अल्लाह अल्लाह

उस हसीं-महज़बीं की फबन अल्लाह अल्लाह
फूल से होंठ, रेशम सा तन, अल्लाह अल्लाह
मेरे दिलदार का...

वो कनखियों से उनका हमें देखना
जबसे उसे देखा है, दीवानों सी हालत है
बेताब है हर धड़कन, बेचैन तबियत है
वो सर से कदम तक इक महकी हुई जन्नत है
छूने से बदन मसके, इस दर्जा नज़ाकत है
गुफ़्तार करिश्मा है, रफ़्तार क़यामत है
दुनिया में वजूद उसका, क़ुदरत की इनायत है
वो जिसपे करम कर दे, वो साहिब-ए-क़िस्मत है
वो कनखियों से उनका हमें देखना
तीर तिरछे, हो तीर तिरछे चलाने का फ़न
अल्लाह अल्लाह
मेरे दिलदार का...

सादगी में छुपा शोख़ियों का समा
जिस हुस्न के जलवों पर दिल हमने लुटाया है
वो हुस्न ज़मीनों पर तक़दीर से आया है
क़ुदरत ने बदन उसका, फ़ुर्सत से बनाया है
सौ तरह के रंगों से, हर अंग सजाया है
घनघोर घटाओं को ज़ुल्फ़ों में बसाया है
बिजली के तबस्सुम को नज़रों में घुलाया है
महके हुए फूलों को साँसों में रचाया है
सादगी में छुपा शोख़ियों का समा
शोख़ियों में, शोख़ियों में वो शर्मीलापन
अल्लाह अल्लाह
मेरे दिलदार का...

गालों में गुलाबीपन
आँखों में शराबीपन
गर्दन का वो ख़म हाय
होंठों का वो नम हाय
डाली-सी कमर तौबा
बरछी-सी नज़र तौबा
तरशी हुई बाँहें हैं
मख़मूर निगाहें हैं
ज़ालिम है हया उसकी
क़ातिल है अदा उसकी
मस्ती से भरी है वो
इक सब्ज़-परी है वो
चांदी के खिलौने-सी
फूलों के बिछौने-सी
ग़ालिब की ग़ज़ल जैसी
मुमताज़महल जैसी
कर के दीदार-ए-यार आज दिल झूम उठा
नूर से भर गए, हाँ नूर से भर गए जान-ओ-तन
अल्लाह अल्लाह
मेरे दिलदार का...

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