Movie/Album: आरक्षण (2011)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: श्रेया घोषाल, मोहित चौहान
झटक कर ज़ुल्फ़ जब तुम तौलिए से
बारिशें आज़ाद करती हो अच्छा लगता है
हिला कर होंठ जब भी हौले हौले
गुफ़्तगु को साज़ करती हो अच्छा लगता है
ओ खुशबू से बहलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना
आँख में आँखे डाल के कह दो
ख़्वाबो में बहलाओ ना
जरा शॉर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना
अलग एहसास होता है, तुम्हारे पास होने का
सरकती सरसराहट की, नदी में रेशमी लम्हें भिगोने का
ओ हो हो ज़रा सा मोड़ कर गर्दन
जब अपनी ही अदा पे नाज़ करती हो अच्छा लगता है
ओ लफ़्ज़ों से बहलाओ ना
झूठी मूठी बहकाओ ना
हाथों को हाथों में ले के
वो तीन शब्द टपकाओ ना
जरा शॉर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना...
वो तेरे ध्यान की खुशबू, मैं सर तक ओढ़ लेता हूँ
भटकती साँस को तेरी गली में गुनगुनाने छोड़ देता हूँ
हो हो हो तुम अपनी खिड़कियों को खोल कर
जब भी नए आगाज़ करती हो अच्छा लगता है
हो गली गली भटकाओ ना
घड़ी घड़ी उलझाओ ना
सेंटी हो मैं जान गयी हूँ
ऐक्शन भी दिखलाओ ना
जरा शॉर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना...
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: श्रेया घोषाल, मोहित चौहान
झटक कर ज़ुल्फ़ जब तुम तौलिए से
बारिशें आज़ाद करती हो अच्छा लगता है
हिला कर होंठ जब भी हौले हौले
गुफ़्तगु को साज़ करती हो अच्छा लगता है
ओ खुशबू से बहलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना
आँख में आँखे डाल के कह दो
ख़्वाबो में बहलाओ ना
जरा शॉर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना
अलग एहसास होता है, तुम्हारे पास होने का
सरकती सरसराहट की, नदी में रेशमी लम्हें भिगोने का
ओ हो हो ज़रा सा मोड़ कर गर्दन
जब अपनी ही अदा पे नाज़ करती हो अच्छा लगता है
ओ लफ़्ज़ों से बहलाओ ना
झूठी मूठी बहकाओ ना
हाथों को हाथों में ले के
वो तीन शब्द टपकाओ ना
जरा शॉर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना...
वो तेरे ध्यान की खुशबू, मैं सर तक ओढ़ लेता हूँ
भटकती साँस को तेरी गली में गुनगुनाने छोड़ देता हूँ
हो हो हो तुम अपनी खिड़कियों को खोल कर
जब भी नए आगाज़ करती हो अच्छा लगता है
हो गली गली भटकाओ ना
घड़ी घड़ी उलझाओ ना
सेंटी हो मैं जान गयी हूँ
ऐक्शन भी दिखलाओ ना
जरा शॉर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना...
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