Movie/Album: पटरानी (1956)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: लता मंगेशकर
सात समुंदर पार, हाय रे, मेरा सपनों का संसार
सपनों का संसार कहूँ या साजन तेरा द्वार कहूँ मैं
सात समुंदर पार...
मात पिता को छोड़ चली इस पार
तुमरे कारण छोड़ दिया घर-बार
तू जो मिले तो सब कुछ पा लूँ
बिगड़ी हुई तकदीर बना लूँ
कहती है दिल की पुकार
दर्शन प्यासी आँखे मेरी बेकरार, हाय राम
सात समुंदर पार...
लाख भी आये इस पथ पर तूफान
पा के रहूँगी मैं मन का भगवान
तन को मन की धूप जलाये
मन की अगन को कौन बुझाये
रूठ चुकी है बहार
पिया बिन जीवन है दुष्वार, हाय राम
सात समुंदर पार...
दिल को लगा है, बिरहा मन का रोग
मेरा उनसे जनम जनम संजोग
यूँ तो बड़े नाज़ों की पली मैं
पी के लिए काँटों पे चली मैं
नाव मेरी मझधार पड़ी है
दूर है खेवनहार, हाय राम
सात समुंदर पार...
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: लता मंगेशकर
सात समुंदर पार, हाय रे, मेरा सपनों का संसार
सपनों का संसार कहूँ या साजन तेरा द्वार कहूँ मैं
सात समुंदर पार...
मात पिता को छोड़ चली इस पार
तुमरे कारण छोड़ दिया घर-बार
तू जो मिले तो सब कुछ पा लूँ
बिगड़ी हुई तकदीर बना लूँ
कहती है दिल की पुकार
दर्शन प्यासी आँखे मेरी बेकरार, हाय राम
सात समुंदर पार...
लाख भी आये इस पथ पर तूफान
पा के रहूँगी मैं मन का भगवान
तन को मन की धूप जलाये
मन की अगन को कौन बुझाये
रूठ चुकी है बहार
पिया बिन जीवन है दुष्वार, हाय राम
सात समुंदर पार...
दिल को लगा है, बिरहा मन का रोग
मेरा उनसे जनम जनम संजोग
यूँ तो बड़े नाज़ों की पली मैं
पी के लिए काँटों पे चली मैं
नाव मेरी मझधार पड़ी है
दूर है खेवनहार, हाय राम
सात समुंदर पार...
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