ऐ नाज़नीं सुनो ना - Aye Naazneen Suno Na (Abhijeet, Dil Hi Dil Mein)

Movie/Album: दिल ही दिल में (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: अभिजीत

ऐ नाज़नीं सुनो ना
हमें तुमपे हक़ तो दो ना
चाहे तो जान लो न
के देखा तुम्हें तो होश उड़ गए
होंठ जैसे खुद ही सिल गए
ऐ नाज़नीं सुनो ना...

लगता है के तुमको, रब ने बनाया जिस दम
अपनी कुदरतों को उसने, तुम में कर दिया था गुम
इस जहां को हुस्न बांटना भी कर दिया था कम
तीखे-तीखे नैन नक्श तेरे, कलियों से कोमल होंठ तेरे
फूलों से नाज़ुक पाँव तेरे, दोनों जहां कुर्बान तेरे
तराशा प्यार से जिसे, रब ने वो मूरत हो तुम
संगतराशों की जैसे देवी तुम
तुम-सा जहां में कोई ना
ऐ नाज़नीं सुनो ना...

पर्दा ख्यालों का है, सचमुच ज़रा सामने आ
चाँद को मैं तकता हूँ, पर तेरी शक्ल आँखों में
जी जलाये चांदनी भी, ठंडी-ठंडी रातों में
नाता नींदों से टूट गया, तेरे लिए ऐ मेरे हसीं
दिल को यकीं ये भी है मगर, आएगा ऐसा दिन भी कभी
जब मुलाकातें भी होंगी, मीठी-सी बातें भी होंगी
प्यार भरी रातें भी होंगी देखना
आने की ख़बर दो ना
ऐ नाज़नीं सुनो ना...

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