जब तक पूरे न हो - Jab Tak Poore Na Ho (Hemlata, Nadiya Ke Paar)

Movie/Album: नदिया के पार (1982)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: रविन्द्र जैन
Performed By: हेमलता

बबुवा हो बबुवा, पहुना हो पहुना
जब तक पूरे ना हों फेरे सात
तब तक दुलहिन नहीं दुलहा की
रे तब तक बबुनी नहीं बबुवा की
ना, जब तक पूरे...

अबहीं तो बबुवा पहली भँवर पड़ी है
अबहीं तो पाहुना दिल्ली ही दूर बड़ी है
हो पहली भँवर पड़ी है, दिल्ली दूर बड़ी है
करनी होगी तपस्या सारी रात
जब तक पूरे ना हों फेरे सात
जब तक पूरे...

जैसे जैसे भँवर पड़े, मन अँगना को छोड़े
एक-एक भाँवर नाता अनजानों से जोड़े
मन घर अँगना को छोड़े, अनजानों से नाता जोड़े
सुख की बदरी आँसू की बरसात
जब तक पूरे ना हों...

सात फेरे धरो, बबुवा भरो, सात वचन भी
ऐसे कन्या कैसे अर्पण कर दे, तन भी मन भी
उठो उठो बबुनी देखो देखो ध्रुव तारा
ध्रुव तारे सा हो अमर सुहाग तिहारा
हो देखो देखो ध्रुव तारा, अमर सुहाग तिहारा
सातों फेरे सात जन्मों का साथ
जब तक पूरे ना हों...

No comments :

Post a Comment

Like this Blog? Let us know!