Music By: रवि बसरूर
Lyrics By: रवि बसरूर, शब्बीर अहमद
Performed By: रवि बसरूर
गन्दी है दुनिया
गन्दी इरादों से
गन्दी पैसे के पीछे
भागा है ज़ोर से
कोई तो आएगा
भगवान के बदले में
तेरे अंतिम तो लिखा है
इसके हाथ में हाँ
सूरज के जैसे गर्मी
फौलाद के जैसा सीना
ना इसके सामने कोई
गलती कर पाए दोबारा
जो धूप में खुद ही जल के
देता औरों को साया
वो ऐसी रौशनी है जो
जग रोशन कर दे सारा
वो वक़्त से आगे भागता
सूरज से पहले जागता
वो खुद में एक कानून है
जो फैसला कर दे सारा
गन्दी है दुनिया...
कोई तो आएगा...
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