Movie/Album: शिद्दत (2021)
Music By: सचिन-जिगर
Lyrics By: प्रिया सरैया
Performed By: मधुबंती बागची, निकिता गांधी, सचेत टंडन
न कोई लकीरें न दायरे
इश्क़ में हद होती नहीं
इतना बेहद होता है के
ये फितूरी घटती नहीं
हो जाणा है एक बार
तेरी रूह के पार
मैं तो रह के किनारे पे थकेया
हो तेरा चढ़ेया खुमार
तेरे बिन मेरे यार
इस जग में नहीं कुछ रखेया
बरबादियाँ तुमसे ही है
आबादियाँ तुमसे ही है
अब क्या गलत और क्या सही
जब रूहदारियाँ तुमसे ही है
बरबादियाँ तुमसे ही है...
मदहोशियाँ है मदहोशियाँ
इन निगाहों में तेरी है मदहोशियाँ
डूब जाणेयाँ ऐसे डूब जाणेयाँ
फिर कभी न मैं तुझसे उभर पानियाँ
हो कैसी लगन है यार
लगी जो इस बार
रति दिन बस नाम तेरा रटेया
हो तेरा चढ़ेया खुमार...
बरबादियाँ तुमसे ही है...
बरबादियाँ - Barbaadiyan (Sachet, Nikhita, Madhubanti, Shiddat)
Labels:
2020s
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2021
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Madhubanti Bagchi
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Nikhita Gandhi
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Priya Saraiya
,
Sachet Tandon
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Sachin-Jigar
,
Shiddat
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