Music By: सन्नी इंदर
Lyrics By: कुमार
Performed By: सुखविंदर सिंह
बदला नु ठगया सावन ने
बारिश चीखा मारे
गुस्से विच पीले नैना ने
हंजू खारे खारे
हो समझ नहीं आंदि
दर्द रूह दे
क्यूँ नहीं सुंण दा अल्लाह
छल्ला छल्ला छल्ला
छल गया होये छल्ला...
चन्न दीयां दिन वेले
राहाँ तक बैठे
मिट्टी दे बरतन सी
बारिश विच रख बैठे
इश्क़ सयाने बंदे नु वी
कर देंदा ए झल्ला
छल्ला...
तोड़ गया है परिंदा
दिल हवा वां दा
पत्ता पत्ता टुट्टेया
पिपलादिया छावाँ दा
जिस तन लागे चोट दूर तक
वो भी मचावे हल्ला
छल्ला...
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