Music By: गौरव दासगुप्ता
Lyrics By: कुँवर जुनेजा
Performed By: यासिर देसाई
मेरा दिलबर दुआओं जैसा
शायद खुदा ही ऐसा होता है
तू तो पानी के कतरों जैसा
साँसों की मिट्टी जो भिगोता है
प्यार के सिरहाने बैठा दिल सोचदा
जन्मों का है ये वास्ता
हवाओं के शहर में
तुझी पे बस यकीं है
तू है तो ज़िंदा ज़िंदगी
नहीं तो कुछ नहीं है
हवाओं के शहर में...
ओ तेरे बिना राहें ना मंज़िल कोई
ओ गहरे अँधेरों में गुम हो रही रोशनी
ओ ऐसा लगे बंजर है दिल की ज़मीं
ओ तेरे सिवा कुछ और मांगा नहीं
ओ चाहे ज़माना सारा हो बेख़फ़ा
तू ना कभी होना जुदा
हवाओं के शहर में...
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