Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: बी प्राक, डीनो जेम्स, प्रीतम
ओ दिलाँ मरजानेया
इश्क़ तू न करियो ज़ालिमा
हो हाथ कुछ न आएगा
ये बदल के रख देगा समाँ
बच सके तू अगर
बच के रहना मगर
मंगदा रही तू ये दुआ
होये इश्क ना, होये इश्क ना
होये इश्क ना या खुदा
मैं सही बोलूँ समझा नी सकता
जो भी अंदर चल रहा है
मैं सब कुछ इश्क़ के नाम किया
और अब वो मुझको खल रहा है
ये तेरी दी बर्बादी है
जो मेरे अंदर पल रहा है
इस जैसे कोई अजगर है
जो धीरे से निगल रहा है
मैं ट्राय करूँ पर क्या करूँ
जो जाती नहीं है मन से
मैं आईना देख के बोलता हूँ
पागल है क्या तू बन्दे
मेरे नाम की मेहँदी उड़ गयी
तेरी स्याही अब तक तन में
इस जग ने मुझको उकसाया
तभी मैंने मारे पंजे
दिखा दे कोई चोर मुझे
मैं टूटा और ना तोड़ मुझे
तकदीरों से शिकायत है
साथ दे ऐसे ना छोड़ मुझे
ये थॉट्स है मेरे लाउड
मैं बैठ के बस चिल्लाऊँ
अब किसी पे मैं विश्वास नी करता
खुद पे होते डाउट्स
कॉमन था अब विश मैं
अपनों से बड़ा डिस्टेन्स
सोचा था आबाद हैं पर
बर्बाद किया इश्क़ ने
सुलगे-सुलगे कोयलों पे
हो नंगे पैरों चलना है
जलते-जलते बुझ जाना
हो बुझते-बुझते जलना है
रातें रोज़ सुलगती हैं
यादें रोग सी लगती हैं
आँसू आए भी तो रोए इश्क ना
होये इश्क़ ना...
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