Music By: मनन भारद्वाज
Lyrics By: मनन भारद्वाज
Performed By: मनन भारद्वाज
तुझको बना दूँ मैं अपना खुदा
और सजदे तेरे कर सकूँ
माँगूँ दुआ साथ होने की तेरे
कांधे पे सर रख सकूँ
धागा एक बाँधूँ तुझको मन्नत बना लूँ
कागज़ पे दिल के तेरी सूरत बना लूँ
छूटे कभी ना वो आदत बना लूँ
आ शिद्दत बना लूँ तुझे
किस्मत बना लूँ मेरी चाहत बना लूँ
दिल से मैं माँगूँ इबादत बना लूँ
छूटे कभी ना...
क्यूँ ये हदें हैं, ये क्यूँ सरहदें हैं
इतने है क्यूँ फासलें
मंज़िल तेरी मेरी जब एक है तो
क्यूँ है अलग रास्ते
इश्क़ की ऐसी कहावत बना लूँ
पानी पे लिख दूँ, लिखावट बना लूँ
गूंजे सदा वो आहट बना लूँ
आ शिद्दत बना लूँ तुझे
दिल की मैं तुझको सजावट बना लूं
कुछ भी ना बोलूँ, मुस्कुराहट बना लूँ
बरसे खुदा की वो बरकत बना लूँ
आ शिद्दत बना लूँ तुझे
किस्मत बना लूँ...
ये खारा समंदर मेरा गवाह है
इश्क़ है मेरा या मेरा गुनाह है
तुझको सज़ा और अदालत बना लूँ
आ शिद्दत बना लूँ तुझे...
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