Music By: अजय-अतुल
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: सिड श्रीराम, सौरभ अभयंकर
ज़माने की नज़र में तू भले ही भंगार है
तेरे भी सीने में कहीं तो एक अंगार है
जला दे हैसियत की आज बेड़ियाँ
चला दे तोप की तरह ये एड़ियाँ
लात मार, लात मार, लात मार
नो नो नो
डोंट स्टॉप, डोंट स्टॉप, डोंट स्टॉप
आया समय अभी करने का ख़्वाब
पूरा खेलेंगे बन के सबकी मौत
समझे जो छपरी बदल उनकी सोच
तू दिखा बिन चप्पल के पैरों का खौफ
तो आजा अब तक के किया हमालया
वो इतिहास को तू बदलने जा रहा
अब तक थे जो लोग देते थे गालियाँ
सुनना है तेरे को वही हाथों से तालियाँ
तू समझा क्या बालिया
इतना आसान नहीं चढ़ना वो मंज़िल
जो तूने ठान ली
भिड़ना उससे ऐरे गैर का काम नहीं
शायद ते को तेरे जिगरे की जान नहीं
मेहनत पहुंचाती है मंज़िल के स्टेशन
कर ऐसा कुछ जिससे दुनिया ले लेसन
जीने के लिए तो जानवर भी जीते
वक़्त आया बन ले लफंडर से लेजेंड
लफंडर से लेजेंड
ऐसा कारनामा कर दे झंडे गाड़ दे
तू गाड़ दे
आए रास्ते में तेरे जो भी फाड़ दे
तू फाड़ दे
तू ग़रीब है तो लोग सोचते हैं
तेरी क्या औक़ात है
वो जानते नहीं नसीब ने तुझे भी
दे रखी सौग़ात है
हरा दे, हरा दे
जो तुझे किसी में दम नहीं
किसी में दम नहीं
बता दे
तू भी है किसी से कम नहीं
ओ लात मार...
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