Music By: अजय-अतुल
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: सिड श्रीराम
क्यूँ रहती है तू
धूप के मौसम को कोसती
बेहतर है कर ले ज़िंदगी
बादल से दोस्ती
जीना है तो वजह भी ढूंढ ले
साहिल ना सही तिनका ही ढूंढ ले
क्यूँ रहती है तू...
सपनों के खिदमत में कोशिश तो कर पहले
गागर भी छलकेगी बूँदें तो भर पहले
अंधी बहरी सी गलियों में
तू क्यूँ गुमनाम है
इनके बाहर जो दुनिया है
तेरा आयाम है
जीना है तो...
क्यूँ रहती है तू...
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