Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: अरिजीत सिंह
फिर न ऐसी रात आएगी
यूँ हमें जो साथ लाएगी
फिर न ऐसी...
नज़दीक से रात भर देख लूँ मैं तुम्हें
जाने न दूँ इस दफा रोक लूँ मैं तुम्हें
तुम सामने सच में हो या कोई ख्वाब है
खुद पे नहीं है यकीं पूछ लूँ मैं तुम्हें
फिर ज़ुबाँ पे एक मर्तबा
आज दिल की बात आएगी
फिर न ऐसी...
क्या ये मुमकिन है कभी तुम मेरे हो पाओगे
मैं ये बाहें खोल दूँगा तुम गले लग जाओगे
जिस तरह उम्मीद से देखता हूँ मैं तुम्हें
तुम मुझे भी उस नज़र से देखने लग जाओगे
या इसी उम्मीद में मेरी
ज़िन्दगी गुज़र जाएगी
फिर न ऐसी रात...
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