Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: अल्तमश फरीदी, शादाब फरीदी, अरिजीत सिंह, नूरान सिस्टर्स
लम्हों में आए, लम्हों में गुम
मेरे हुए हो, हिस्सों में तुम
है ज़िन्दगी के किस्से कई
मिलते हो सारे किस्सों में तुम
तू आपे सवाली है
आपे ही पयम्बर है
तू खुद है तमाशा भी
आपे ही कलंदर है
बेकार तलाशे तू
दरगाह में शिवालों में
जिस यार को तू ढूंढे
वो तेरे ही अंदर है
बनी हिज्र में राताँ अंगीठियाँ
बता कोयले वरगा जल-भुण कर
तैनू की मिलेया
तुर कलेयाँ वे छल्ला
चल वे तुर कलेयाँ
छड़ रंज दियाँ गलियाँ
चल वे तुर कलेयाँ
तुर कलेयाँ...
हो लिख ले इस बात को
सच्चा दिलदार तो
वही है जो दिलबर को
आज़ाद कर सके
जिसके हाथों हुआ
दिल चकनाचूर हो
उसी यार को सजदे में
याद कर सके
ऐसे शख्श के आँसू की बूंद से
बियाबान बंजर से
रेगिस्ताँ में भी गुल खिलेया
तुर कलेयाँ...
इश्क है तेरा मस्ताना
हर फ़िक्र से बेहिस बेगाना
तू पाक परिंदा परवाज़ी
चल तोड़ के पिंजरे उड़ जाना
जिस ओर ज़मीं से अंबर मिलेया
सुर्ख शफ़क सूरज ढलेया
वहीं यार फ़कीरे मंज़िल तेरी
छड जग नूँ चल
तुर कलेयाँ...
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