Music By: द जैमरूम
Lyrics By: सिद्धांत कौशल
Performed By: शार्वी यादव
ज़िन्दगी की चोट से, चादरों की ओट में
रख लूँ तुझे महफूज़ मैं
बेसबर जो ये समय, छीन लूँ तसल्लियाँ
इसे तेरे लिए मैं
दोहराता जाए, नज़र ना लग जाए
ऐसा हो प्यार ये
तेरा मेरा तेरा मेरा
दिल तो एक दराज़ है
जो छुपाता राज़ है
दिखाए दिन, ये आये दिन
तेरे साथ आज है
आ रहा ये समझ में
बातें बाँटना तो है मुमकिन
जितने भी बाकी कदम
तेरे पे होंगे ख़तम
घड़ियों के काँटों जैसे हम
दोहराता जाए...
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