Music By: मनन भारद्वाज
Lyrics By: कुमार
Performed By: हरजोत कौर, मनन भारद्वाज
मुझको पता न था
ये इश्क होता है क्या
तू जो मिला तो
मिला मुझको मेरा खुदा
तुझसे ये दूरी
क्यूँ दिल मेरा सहे
तू ही ज़रूरी
ये दिल मेरा कहे
दो हाथों से मिल के
बिछड़ जाएँ ऐसे
लकीरें हैं क्यूँ
ऐसे न कर तू ख़ुदा
मैं इश्क में हूँ
ऐसे न कर तू जुदा
मैं इश्क में हूँ
झुक जा ज़रा आसमाँ
मैं इश्क में हूँ
होने दे मुझसे गुनाह
मैं इश्क में हूँ
ऐसे न कर तू ख़ुदा...
मुझको जीने की तूने ही तो दी है वजह
बन के हमसाया मिल जाना तू हर इक जगह
मंज़िल भी तू, तू ही सफर
साथ तेरे रहना मगर
हाथों से हाथ छूटे ये यूँ
रूठा क्यूँ मेरा खुदा
मैं इश्क में हूँ
टूटा क्यूँ मेरा जहां
मैं इश्क में हूँ
झुक जा ज़रा आसमाँ...
दिल से मैंने भी मांगी दुआ
मिल जाए मुझको भी मेरा ख़ुदा
रो रहा हूँ मैं
सुनता नहीं क्यूँ कोई ख़ुदा
कैसे करूँ मैं बयाँ
मैं इश्क में हूँ
किसको करूँ मैं बयाँ
मैं इश्क में हूँ
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