Music By: हरिहरन
Lyrics By: मुमताज़ राशिद
Performed By: हरिहरन
अपने आईने में उतार मुझे
मैं तेरा अक्स हूँ सँवार मुझे
अपने आईने में...
जाने क्या ढूँढता है वो मुझ में
देखता क्यूँ है बार-बार मुझे
मैं तेरा अक्स...
और क्या वक़्त देगा इसके सिवा
तश्नगी तुझको इंतज़ार मुझे
मैं तेरा अक्स...
जीत कर वो भी ख़ुश नहीं 'राशिद'
रास आई है मेरी हार मुझे
मैं तेरा अक्स...
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