Movie/Album: दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा (2001)
Music By: त्रिवेणी भवानी
Lyrics By: क़ैसर उल जाफ़री
Performed By: हरिहरन
दिल से उमड़े आँख से टूटे
दामन पर थर्राए क्यों
जो ग़म आँसू बन जाए वो
मेरा ग़म कहलाए क्यों
दिल से उमड़े...
पहले तो तुमने ही हमको
दीवाना मशहूर किया
अब जो हमारे सर पे पत्थर
बरसे तो घबराए क्यों
दिल से उमड़े...
अपनी क़िस्मत जलती राहें
अपना हासिल ज़ख़्म-ए-सफ़र
पाँव के छाले गिनने वाले
साथ हमारे आए क्यों
दिल से उमड़े...
ग़म की धूप में चलते रहना
तुम तो आसाँ कहते थे
थक कर ढूँढ रहे हो 'क़ैसर'
दीवारों के साए को
दिल से उमड़े...
दिल से उमड़े ऑंख से - Dil Se Umde Aankh Se (Hariharan, Dil Aisa Kisi Ne Mera Toda)
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Qaisar Ul Jaafri
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Triveni-Bhawani
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