Movie/Album: दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा (2001)
Music By: त्रिवेणी-भवानी
Lyrics By: ज़हीर अनवर
Performed By: हरिहरन
कभी चुपके से दामन को भिगो लेते
कहीं दीवार मिलती हम भी रो लेते
बरस कर ग़म का बादल बहर बन जाता
हम अपने आप को उसमें डुबो लेते
कहीं दीवार...
न डसती आरज़ू मंज़िल कि फिर मुझको
सफ़र में तुम जो मेरे साथ हो लेते
कहीं दीवार...
मैं अपना क़त्ल ख़ुद ही काश कर लेता
लहू में दोस्त मेरे हाथ धो लेते
कहीं दीवार...
कभी चुपके से - Kabhi Chup Ke Se (Hariharan, Dil Aisa Kisi Ne Mera Toda)
Labels:
2000s
,
2001
,
Dil Aisa Kisi Ne Mera Toda
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Ghazals
,
Hariharan
,
Triveni-Bhawani
,
Zaheer Anwar
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