Music By: कौशिक-आकाश-गुड्डू
Lyrics By: सिद्धांत कौशल
Performed By: अमित मिश्रा, हर्षदीप कौर
जिंद फंसी ऐ गमां दे मोड़ ते
तू आजा ख़ुशी मोड़ दे
ज़िन्दगी से पूछा मैंने यारा तू बता
चाँद के बिना होती हैं रातें क्यूँ अला
मुझको समझ ना आये क्या हो रहा
पर जानती हूँ मैं किनारा तू मेरा
तू शायरी है बुल्लेशाह दी
जो छू के मेरी रूह गयी
वे सच्चियाँ वे सच्चियाँ वे सच्चियाँ
दिला दे रब्बा
प्रीताँ वे सच्चियाँ वे सच्चियाँ रब्बा
वे सच्चियाँ...
हो उस जोगी विच राँझे दा
ओ मेरी रूह विच जोगी दा
बंधदा ए धागा
ओ धागा धागा बंधदा ए धागा
उस जोगी विच राँझे दा
ओ मेरी रूह विच जोगी दा
किश्तों में जीना है ना
कर्ज़े चुकाने है ना
हो गया रवाना जोगीया
धूप छाँव जो भी आएँ
मेरे पाँव सब सह जाएँ
लाँघ जाऊँ सारे इम्तहाँ
इक्क यारा तू ही मेरा इक्को आसरा
खिदमत में ये तेरी सिर है झुका
तू शायरी है बुल्लेशाह दी
जो दिल को सुकूँ दे गयी
वे सच्चियाँ वे सच्चियाँ वे...
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