गुलों में रंग भरे - Gulon Mein Rang Bhare (Mehdi Hassan, Ghazal)

Music By: मेहदी हसन
Lyrics By: फैज़ अहमद 'फैज़'
Performed By: मेहदी हसन

गुलों में रंग भरे, बाद-ए-नौबहार चले
चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले

क़फ़स उदास है यारों, सबा से कुछ तो कहो
कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज ज़िक्र-ए-यार चले
चले भी आओ...

जो हमपे गुज़री सो गुज़री मगर शब-ए-हिज्राँ
हमारे अश्क तेरे आक़बत सँवार चले
चले भी आओ...

कभी तो सुबह तेरे कुंज-ए-लब्ज़ हो आग़ाज़
कभी तो शब सर-ए-काकुल से मुश्क-ए-बार चले
चले भी आओ...

मक़ाम 'फैज़' कोई राह में जचा ही नहीं
जो कू-ए-यार से निकले तो सू-ए-दार चले
चले भी आओ...

गाने के आगे:
बड़ा है दर्द का रिश्ता, ये दिल ग़रीब सही
तुम्हारे नाम पे आयेंगे ग़मगुसार चले
चले भी आओ...

हुज़ूर-ए-यार हुई दफ़्तर-ए-जुनूँ की तलब
गिरह में लेके गरेबाँ का तार तार चले
चले भी आओ...

6 comments :

  1. Fantastic lyrics
    Thank you vishal bharadwaj to resume this song otherwise we will never knew about this golden penned.

    ReplyDelete
  2. Replies
    1. Bahar means basant. ...nau means new or fresh....baad is breeze

      So it's young fresh breeze of spring

      Delete
    2. Sir plz eska kya meaning hai bataie
      "क़फ़स उदास है यारों, सबा से कुछ तो कहो
      कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज ज़िक्र-ए-यार चले
      चले भी आओ..."

      Delete
  3. I think it means " early morning breeze" ...not sure though.

    ReplyDelete
  4. Kafas==pinjra

    Saba==bulbul

    Pinjra bulbul k bina udas hai.

    ReplyDelete

Like this Blog? Let us know!