Music By: जॉली मुखर्जी
Lyrics By: मजमुआ ग़ज़ल
Performed By: हरिहरन
आई इधर बहारें जवानी उधर गई
बर्बाद करने आई थी बर्बाद कर गई
आई इधर बहारें...
जब वो चले तो छोड़ने उनको नज़र गई
पलटी तो दिल पे एक क़यामत गुज़र गई
बर्बाद करने आई...
जब था मेरा शबाब तो मुझको नहीं था होश
जब होश आ गया तो जवानी गुज़र गई
बर्बाद करने आई...
बेवजह ख़म नहीं है कमर मेरी ऐ कमर
झुक-झुक के ढूँढता हूँ जवानी किधर गई
बर्बाद करने आई...
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