Music By: अमाल मलिक
Lyrics By: मनोज मुंतशिर
Performed By: श्रेया घोषाल
जहाँ साँसों ने दौड़ लगाई नहीं
जहाँ नींदों से कोई लड़ाई नहीं
जहाँ पेड़ों का साया नदी तक है
जहाँ झीलों में चाँद अभी तक है
जहाँ हँसने पे शर्तें ना हो
लोग जीने से डरते ना हों
चल वहीं चलें, चल वहीं चलें
ना जाते हो जहाँ, जहां के रास्ते
चल वहीं चलें...
बेफिकर अपने घर से निकल
रास्ता दिल को तेरे पता है
राह में शाम होगी कहाँ
ये मुसाफिर कहाँ सोचता है
जहाँ आँखें आँसू न जाने
मुस्कुराने के हों सौ बहाने
चल वहीं चलें...
रौशनी प्यार जैसी नहीं
सितारे भी हमने हैं आज़माए
ये ज़मीं याद आयी तो हम
आसमानों से भी लौट आएँ
जहाँ सर पे कोई हाथ फेरे
जहाँ अपनों ने रंग हो बिखेरे
चल वहीं चलें...
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