Music By: उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान
Lyrics By: क़ाबिल अजमेरी
Performed By: हरिहरन
ज़ब्त-ए-ग़म का सिला न दे जाना
ज़िन्दगी की दुआ न दे जाना
ज़ब्त-ए-ग़म का...
बे-कसी से बड़ी उम्मीदें हैं
तुम कोई आसरा न दे जाना
ज़िन्दगी की...
रात तारीक राह न हमवार
शाम-ए-ग़म को हवा न दे जाना
ज़िन्दगी की...
कोई एहसान कर के 'क़ाबिल' पर
दोस्ती की सज़ा न दे जाना
ज़िन्दगी की...
No comments :
Post a Comment
यह वेबसाइट/गाना पसंद है? तो कुछ लिखें...