Music By: जी.वी. प्रकाश कुमार
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: सैंधवी प्रकाश
धम धम धीरे धीरे
धम धम धीरे धीरे
धम धम धीरे धीरे आए रे
नैन बांधे नैन से जो
प्रीत बांधे प्रीत से तो
धड़कनों की ताल टूटी
साँस गाए गीत से
नया बहाना आज़माना
आज कान्हा मोह में
मानो पुराना मोह तोड़ा
तो जुड़ी हूँ जीत से
धम धम धीरे धीरे...
आमने सामने
दो रहें धरती गगन
दोनों का हो सका
ना कभी कान्हा मिलन
दिन से मिलती रात क्या
चुप से मिलती बात क्या
मिल सकेगी बोलो
धूप से बरसात क्या
नैन बांधे नैन से जो
प्रीत बाँधे प्रीत से वो
धडकनों में सरगमे हैं
साँस गाए गीत से
नया बहाना आज़माना...
धम धम धीरे धीरे...
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