Music By: हरिहरन
Lyrics By: इब्राहिम अश्क़
Performed By: हरिहरन
भीगे हुए लम्हों का एहसास चुरा ले जा
दौलत ये मेरे दिल की चुपके से उठा ले जा
भीगे हुए लम्हों...
तू हम से ख़फ़ा क्यों है
तू हम से जुदा क्यों है
इक पल के लिए आ जा
सदियों का मज़ा ले जा
दौलत ये मेरे दिल...
ये रस्म निभाने में
तेरा ही भला होगा
मैं फूल हूँ तू मेरी
ख़ुशबू ही उड़ा ले जा
दौलत ये मेरे दिल...
ऑंसू नहीं छलके तो
रोने का मज़ा क्या है
कर और सितम मुझ पे
या अपनी सज़ा ले जा
दौलत ये मेरे दिल...
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