Music By: सचेत-परम्परा
Lyrics By: शेली
Performed By: सचेत टंडन
मेहरम तू ही है मेरा
ले सुन ले मेरी दास्ताँ
रंजिशें धुआँ धुआँसी ये
आ रह ले तू भी यहाँ
नूर ना रुख़ ते, साह वि ना मुकते
के अग्ग बन गया है लहू मेरा
तेरी रज़ा है, दर्द मज़ा है
ले हुण बन गया बादशाह तेरा
आजा ले के जाऊँ तुझे, साँसे घुटती जहाँ
ख्वाहिशें जो टूटी सी थी, बिखरा उनका जहाँ
दफ़न हो दोनों यहाँ, फिर भी हो तन्हा
करे जो भी सजदा तेरा
कहना तू ही मेरी है मेहरम
जाना था यादों का इक आशियाना
तेरा ख्वाबों में मुझको सताना
वो जो तेरा प्यार था
मैं ही तेरा यार था
ऐसी भी है क्या वजह
अब तक हूँ खफा
आ जा ले के...
गर है लाइयाँ तोड़ने बाई
रीत चली आ रही है
लम्हें सारे कैद मैं कर लूँ
ऐसी घड़ी आ रही है
होना है जो देखी जाए
अब करम ही फरमाए...
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